ओरछा: बुंदेला राजाओं की गौरवशाली विरासत बेतवा नदी के तट पर स्थित “ओरछा” की स्थापना 16 वीं शताब्दी में रुद्र प्रताप सिंह ने की थी ओरछा में बुंदेला शासकों द्वारा निर्मित कई ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हैं बेतवा नदी के तट पर स्थित ओरछा फोर्ट एक बेहतरीन पर्यटन स्थल है, जो यहां आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद है मुगल स्थापत्य कला का शानदार नमूना है इसके विशाल दरवाजे इसकी सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। इन दरवाजों से हाथी भी प्रवेश कर जाते हैं देश का इकलौता ऐसा राम मंदिर है जहां भगवान राम की पूजा राजा के रूप में की जाती है, यहां हर दिन तीन बार भगवान राम को सलामी दी जाती है ओरछा फोर्ट में स्थित राजा महल अपनी सुंदर मीनारों और भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध है, यह ओरछा पर्यटन का एक प्रसिद्ध हिस्सा है गुर्जर प्रतिहार वंश के शासनकाल के दौरान निर्मित यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है, यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं इस मंदिर का निर्माण 16वीं शताब्दी में राजा बीर सिंह देव ने कराया था, मंदिर की वास्तुकला और चित्रकला पर्यटकों का मन मोह लेती है ओरछा में करीब 14 छत्रियां बनी हैं जो कि महाराजाओं की कब्र हैं, इनका निर्माण बुंदेला राजाओं के सम्मान में किया गया था राजा इंद्रजीत ने अपने दरबार की सबसे खूबसूरत गायिका और कवित्री राय प्रवीण के लिए इस महल का निर्माण कराया था ओरछा एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है जो कि अपने भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध है अगर आप रिवर राफ्टिंग और बोट राइडिंग के शौकीन हैं तो बेतवा नदी में राफ्टिंग और बोटिंग कर सकते हैं बेतवा नदी