कुकरू की वादियों में लीजिए बारिश का मजा

अमर उजाला

Thu, 30 June 2022

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बैतूल जिले के कुकरू में कुदरत ने एक अनोखी दुनिया बसाई है। यहां के दिलकश नजारों को देखकर कुकरू को धरती का स्वर्ग कहना गलत नहीं होगा
 
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कुकरू की हसीन वादियां पर्यटकों को हिमाचल सा अहसास कराती हैं
 

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कुकरू पचमढ़ी की तरह ही मध्य प्रदेश का एक हिल स्टेशन है, हालांकि इसे पचमढ़ी की तरह ज्यादा ख्याति नहीं मिली
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कुकरू बैतूल जिले की सबसे ऊंची चोटी है, जिला मुख्यालय से इसकी दूरी 92 किमी है
 

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सतपुड़ा की सुरम्यवादियों में बसे कुकरू में अनगिनत टूरिस्ट स्पॉट हैं। यह समुद्र तल से करीब 1137 मीटर की ऊंचाई पर बसा है
 
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इस क्षेत्र में कोरकू जनजाति निवास करती है, जिसके चलते इसका नाम कुकरू पड़ा है
 

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कुकरू को बसाने का श्रेय अंग्रेजों को जाता है। कहा जाता है अंग्रेजी हुकूमत के समय ब्रिटिश अफसर कुकरू में समर वेकेशन मनाने आते थे
 

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कुकरू में सन सेट और सन राइज देखना अपने आप में किसी जन्नत से कम नहीं है
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अंग्रेजों ने यहां कॉफी की खेती शुरू की थी, कुकरू में आज भी कई बागान हैं। 
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मध्य प्रदेश के पर्यटन विभाग की तरफ से भी कुकरू के लिए स्पेशल पैकेज पर्यटकों को दिया जाता है
 

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सड़क मार्ग के जरिए आप बैतूल से आसानी से कुकरू पहुंच सकते हैं
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