जानिए क्या है मध्य प्रदेश का बहुचर्चित हनीट्रैप केस

अमर उजाला

Thu, 19 May 2022

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17 सितंबर 2019

बहुचर्चित हनीट्रैप केस का खुलासा हुआ था
 
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इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह ने एक महिला के खिलाफ ब्लैकमेल करने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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हरभजन सिंह ने छतरपुर की आरती दयाल नाम की महिला पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था 
 

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पुलिस ने 18 सितंबर को इंदौर और भोपाल से पांच महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया था
 
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आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी भटनागर और ड्राइवर ओमप्रकाश कोरी को गिरफ्तार किया गया था 
 
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हनीट्रैप केस में कई नेताओं, आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के नाम भी जुड़े थे
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हनीट्रैप केस ने मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया था
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कांग्रेस सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी, लेकिन SIT की कार्रवाई पर भी सवाल उठे थे
 

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क्या था मामला

आरती दयाल अपनी सहेली श्वेता जैन के साथ मिलकर अफसरों और नेताओं के पास लड़कियां भेजा करती थी
 
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आरती दयाल नेताओं और अफसरों को देह व्यापार के जाल में फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल कर मोटी रकम ऐंठा करती थी

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आरती दयाल ने अपनी साथी रूपा के साथ मिलकर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह को भी फंसाया था और उससे तीन करोड़ रुपये मांगे थे
 

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आरती ने रूपा के साथ मिलकर तीन अफसरों के अश्लील वीडियो बनाए थे और वीडियो के बदले लाखों रुपये वसूल किए थे
 
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आरती दयाल को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से तीन साल बाद जमानत मिली है, जबकि श्वेता जैन जेल में हैं

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