मध्यप्रदेश की अमूल्य विरासतें 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस के रूप में मनाया जाता है. आइए आज आपको मध्यप्रदेश की कुछ विरासतों के बारे में बताते हैं. छतरपुर जिले के खजुराहो में बने मंदिर को 1986 में विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया था. हर साल बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक यहां पहुंचते हैं. रायसेन में स्थित साँची के बौद्ध स्तूप को 1989 में विश्व धरोहर में शामिल किया गया था , इसका निर्माण सम्राट अशोक द्वारा किया गया था. रायसेन जिले में स्थित एक पुरापाषाणिक आवासीय पुरास्थल है, जो कि शैल चित्रों के लिए प्रसिद्ध है. इसे 2003 में विश्व धरोहर में शामिल किया गया था. बेतवा नदी के किनारे बसा छोटा सा शहर ओरछा 2019 की यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल हुआ है. टाइगरों का घर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व 2021 की विश्व विरासत स्थल की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल है. संगमरमरी वादियों से घिरे खूबसूरत पर्यटन स्थल भेड़ाघाट को भी विश्व विरासत स्थल की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है. अपने महलों के लिए प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और आनंद के शहर मांडू को भी विश्व विरासत स्थल की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है. मध्यप्रदेश