अमर उजाला
Thu, 12 May 2022
याचिका में भोजशाला को पूर्णत: हिंदुओं के अधिकार में देने की मांग भी की गई है
राजा भोज ने धार में 1034 ईस्वी में एक भव्य पाठशाला का निर्माण करा यहां वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित कराई थी
इतिहासकारों के मुताबिक 1305 ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी ने भोजशाला को ध्वस्त कर दिया था
दिलावर खां गौरी ने 1401 ईस्वी में भोजशाला के एक भाग में मस्जिद बनवा दी, 1514 ईस्वी में महमूद शाह खिलजी ने शेष भाग पर भी मस्जिद बनवा दी
वसंत पंचमी पर हिन्दू भोजशाला के गर्भगृह में देवी सरस्वती का चित्र रखकर पूजन करते हैं
धार स्टेट ने 1935 में परिसर में शुक्रवार को नमाज पढ़ने की अनुमति दी थी, पहले भोजशाला शुक्रवार को ही खुलती थी
हिन्दू भोजशाला को अपनी धरोहर मानते हैं तो वहीं मुस्लिम समुदाय इस पर अपना हक जताता है, यही भोजशाला पर विवाद की वजह है
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