बाघों का गढ़ 'बांधवगढ़' मध्य प्रदेश को बाघों का घर कहा जाता है। प्रदेश में 6 टाइगर रिजर्व हैं एमपी के उमरिया जिले में स्थित है, यह अभयारण्य बंगाल टाइगर्स के लिए प्रसिद्ध है बंगाल टाइगर्स की जनसंख्या घनत्व के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर है, यहां करीब 110 बाघ हैं अभयारण्य 32 पहाड़ियों से घिरा है और करीब 437 वर्ग किलोमीटर में फैला है यहां टाइगर दिखने की संभावना दूसरे पार्कों के मुकाबले कुछ ज्यादा है, यही वजह है कि यहां लगभग हर सीजन में पर्यटकों का जमावड़ा रहता है यहां बाघ के अलावा कई स्तनधारी जीव भी पाये जाते हैं, पक्षियों की करीब 250 प्रजातियां पाई जाती हैं सिर्फ अपने बाघों के लिए ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक-ऐतिहासिक विरासत के लिए भी फेमस है यहां पार्क की सीमा में एक किला है, जहां से किसी जमाने में राजा शासन किया करते थे बांधवगढ़ के किले में सात कुंड बने हुए हैं, जो बांधवगढ़ की प्यास बुझाते हैं, किसी भी मौसम में इन कुंडों का पानी नहीं सूखता यहां भगवान विष्णु की करीब दो हजार साल पुरानी एक अद्भुत प्रतिमा मौजूद है, जिसमें भगवान विष्णु विश्राम मुद्रा में हैं यहां आने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से जून तक का है। सड़क मार्ग से होते हुए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क