अमर उजाला
Wed, 9 February 2022
श्वास तकनीक वाला ये आसन ध्यान केंद्रित करने और शरीर को गर्म करने में मदद करता है, जिससे रक्त प्रवाह में सुधार होता है
ये आसन रीढ़, कूल्हों, पेट और कंधों को फिट रखता है। इस पोज को अक्सर काउ पोज (बिटिलासन) के साथ जोड़ा जाता है
इस योग मुद्रा का अभ्यास करने से शरीर में एक हार्मोनल संतुलन बनाने में मदद मिलती है
ये योग मुद्रा कूल्हों और आंतरिक जांघों के लचीलेपन में सुधार करती है। ये तनाव और विषाक्त पदार्थों को छोड़ने में भी मदद कर सकता है जो अक्सर कूल्हे क्षेत्र में केंद्रित होते हैं
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