महिला रोगों के लिए सिर्फ एक योगासन

अमर उजाला

Fri, 29 April 2022

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 'पश्चिमोत्तानासन' का अभ्यास करते समय शरीर के पिछले हिस्से यानी रीढ़ की हड्डी में स्ट्रेच पैदा होता है 
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'पश्चिमोत्तानासन' शुरुआती स्तर का आसन है जिसका अभ्यास शरीर में लचीलापन लाने के लिए किया जाता है

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पश्चिमोत्तासन पूरी रीढ़ से लेकर हैमस्ट्रिंग यानि कि जांघों के पीछे और काफ मसल्स को एक अच्छा स्ट्रेच देता है
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इस आसन को करने से लिवर, किडनी, ओवरीज और यूट्रस की कार्यक्षमता दुरुस्त रहती है

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पेट की चर्बी को कम कर रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाता है

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इस आसन से पाचन अंगों की कार्यक्षमता में सुधार होता है

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पेल्विक अंगों को टोन कर पीरियड्स को भी संतुलित रखता है

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मेनोपॉज और पीरियड्स की परेशानी के लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करता है

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इस आसन को विशेष रूप से महिलाओं को डिलीवरी के बाद भी करने की सलाह दी जाती है

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'पश्चिमोत्तानासन' करने से महिलाओं को तनाव से राहत और मानसिक स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है

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चिंता, क्रोध और चिड़चिड़ेपन को दूर कर मन को शांत रखता है

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ये आसन दूर करें कमजोरी और थकान

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