अमर उजाला
Sat, 26 June 2021
हमारे देश में मौजूद है एक बेहद मनमोहक जगह, जिसका नाम है 'फूलों की घाटी'
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इस घाटी को फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान भी कहा जाता है
करीब 87.50 किमी. में फैले इस उद्यान को 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था
मान्यता है त्रेता युग में घायल लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी खोजने के लिए हनुमान यहीं आए थे
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उन्होंने वर्ष 1938 में “वैली ऑफ फ्लॉवर्स” नामक एक पुस्तक का प्रकाशन किया
इस घाटी में अलग-अलग फूलों की 500 से अधिक प्रजातियां हैं
यहां के फूलों में अद्भुत औषधीय गुण होते हैं और सभी फूलों का दवाइयों में इस्तेमाल होता है
यहां सैकड़ों बहुमूल्य जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं जो विश्व में कहीं और नहीं मिलतीं
नवंबर से मई महीने तक इस घाटी पर पूरी तरह बर्फ की चादर बिछी होती है
साल के बाकी दिन यहां रंग-बिरंगे खूबसूरत फूल खिले मिलते हैं
घाटी घूमने के लिए जुलाई, अगस्त व सितंबर के महीनों को सबसे अच्छा माना जाता है
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