अमर उजाला
Mon, 29 November 2021
मान्यता है त्रेता युग में घायल लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी खोजने के लिए हनुमान यहीं आए थे
1931 में इस घाटी का पता ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक एस स्मिथ ने लगाया था और 1938 में “वैली ऑफ फ्लॉवर्स” नामक एक पुस्तक लिखी
इस घाटी में अलग-अलग फूलों की 500 से अधिक प्रजातियां हैं
यहां के फूलों में अद्भुत औषधीय गुण होते हैं और सभी फूलों का दवाइयों में इस्तेमाल होता है
यहां सैकड़ों बहुमूल्य जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं जो विश्व में कहीं और नहीं मिलतीं
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