जन्नत से कम नहीं फूलों की घाटी

अमर उजाला

Mon, 29 November 2021

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उत्तराखंड में मौजूद है एक बेहद मनमोहक जगह, जिसका नाम है 'फूलों की घाटी'
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करीब 87.50 किमी. में फैले इस उद्यान को 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था
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मान्यता है त्रेता युग में घायल लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी खोजने के लिए हनुमान यहीं आए थे

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1931 में इस घाटी का पता ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक एस स्मिथ ने लगाया था और 1938 में “वैली ऑफ फ्लॉवर्स” नामक एक पुस्तक लिखी

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इस घाटी में अलग-अलग फूलों की 500 से अधिक प्रजातियां हैं

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यहां के फूलों में अद्भुत औषधीय गुण होते हैं और सभी फूलों का दवाइयों में इस्तेमाल होता है

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यहां सैकड़ों बहुमूल्य जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं जो विश्व में कहीं और नहीं मिलतीं

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नवंबर से मई महीने तक इस घाटी पर पूरी तरह बर्फ की चादर बिछी होती है
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घाटी घूमने के लिए जुलाई, अगस्त व सितंबर के महीनों को सबसे अच्छा माना जाता है
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