अमर उजाला
Sat, 24 July 2021
दुनिया के सात अजूबों की फेहरिस्त में शामिल है ताजमहल
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ताजमहल से जुड़े कई फैक्ट्स इसे बनाते हैं बेहद खास
मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था ताजमहल
ताजमहल 20 साल में बनकर तैयार हुआ और 22,000 से ज्यादा मजदूरों ने निर्माण में काम किया था
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कहा जाता है कि मुमताज महल के मकबरे की गुंबद में एक छेद है जिससे हमेशा पानी की बूंद टपकती रहती है
भूकंप या बिजली गिरने की हालत में मुख्य इमारत नष्ट न हो इसलिए इसकी मीनारें बाहर की ओर झुकी हुई हैं
भारत की सबसे ऊंची कुतुबमीनार से ताजमहल की ऊंचाई आधा मीटर अधिक है
ताजमहल के हर फव्वारे के नीचे एक ही टंकी लगी है जो दबाव बनने पर पानी ऊपर फेंकती है
दिल्ली के लाल किले को बनाने वाले उस्ताद अहमद लाहौरी ताजमहल के मुख्य वास्तुकार थे
ताजमहल में 28 तरह के नायाब पत्थरों को लगाया गया था, लेकिन अंग्रेजों ने इन कीमती पत्थरों को निकाल लिया
द्वितीय विश्वयुद्ध, भारत-पाक युद्ध के दौरान सुरक्षा के लिहाज से ताज के चारों ओर बांस का घेरा बनाकर उसे ढक दिया गया था
ताजमहल के निर्माण पर उस समय 3.2 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जिनकी वर्तमान कीमत 106.28 लाख अमेरिकी डॉलर है
शाहजहां एक काला ताजमहल भी बनवाना चाहते थे, लेकिन उनके बेटे औरंगजेब ने उन्हें कैद कर लिया
ताजमहल सुबह गुलाबी दिखता है और शाम को दूधिया सफेद और चांदनी रात में सुनहरा दिखता है
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ताजमहल को देखने एक दिन में 12000 सैलानी आते हैं, इतने सैलानी पूरी दुनिया में किसी भी इमारत को देखने नहीं आते
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