अमर उजाला
Tue, 5 January 2021
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मैनहट्टन में लिबर्टी द्वीप पर है स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी
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‘Liberty Enlightening the World‘ नाम से भी मशहूर ये मूर्ति 1886 में फ्रांस ने अमेरिका को उपहार में दी थी
मूर्ति को दुनिया के सामने 28 अक्टूबर 1886 को लॉन्च किया गया, लेकिन इसका सिर 1878 में पेरिस के विश्व मेले में ही दिखा दिया गया था
मूर्ति का डिज़ाइन फ्रैडरिक अगस्त और इसकी रीढ़ की हड्डी का डिजाइन एफिल टॉवर को डिजाइन करने वाले गुस्ताव एफ़िल ने किया था
1886 में पेडेस्टल समेत मूर्ति को बनाने का खर्च 5 लाख डॉलर यानी 3 करोड़ 66 लाख रुपये आया था
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जमीन से स्टैच्यू के हाथ में थमी मशाल के ऊपरी हिस्से तक की ऊंचाई 305 फीट, 6 इंच है
स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी एक महिला की मूर्ति है, मूर्तिकार ने इसका चेहरा अपनी मां के चेहरे पर बनाया था
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यह मूर्ति रोमन देवी लिबर्टस से प्रेरणा लेकर बनाई गई है क्योंकि उसे स्वतंत्रता की देवी माना जाता है
मूर्ति के पांवों में पड़ीं टूटी बेड़ियां उत्पीड़न और अत्याचार से मुक्ति का प्रतीक हैं
मूर्ति के मुकुट पर सात किरणें हैं, जो दुनिया के 7 महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व करती हैं, हर किरण की लंबाई 9 फीट है
हाथ में थमी किताब पर अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस की तारीख JULY IV MDCCLXXVI (4 जुलाई 1776) लिखी हुई है
स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को बनने में लगभग 9 साल से कुछ ज्यादा का समय लगा था
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मूर्ति पर हर साल 300 बार बिजली गिरती है, इस पर बिजली गिरते हुए पहला फोटो 2010 में खींचा गया था
जब 80 किमी/घंटे की रफ्तार से हवा चलती है तब मूर्ति 3 इंच तक और इसकी मशाल 5 इंच तक हिलने लगती है
नायाब खूबसूरती वाला नियाग्रा फॉल्स