सूर्य का प्रतीक है कोणार्क मंदिर

अमर उजाला

Thu, 10 February 2022

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कोणार्क मंदिर ओडीशा के पुरी जिले में चंद्रभागा नदी के किनारे बना है
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कोणार्क मंदिर सूर्य देव को समर्पित है, जो अपनी भव्यता और अद्भुत शिल्पकारी के लिए प्रसिद्ध है

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मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में गंग वंश के राजा नरसिंह देव ने करवाया था

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कोणार्क मंदिर का निर्माण कलिंग वास्तुकला की पारंपरिक शैली में रथ के रूप में किया गया है
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रथ में 12 जोड़ी खूबसूरत पहिये बने हुए है जिन्हें 7 शक्तिशाली घोड़ों द्वारा खींचते हुए दर्शाया गया है
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मंदिर के 12 चक्र साल के 12 महीनों को परिभाषित करते हैं, वहीं सात घोड़ें हफ्ते के सात दिनों को दर्शाते हैं

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प्रत्येक चक्र, आठ अरों से मिलकर बना है, जो हर एक दिन के आठ पहरों को प्रदर्शित करता है

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इस मंदिर के निर्माण में मुख्यत बलुआ, ग्रेनाइट पत्थरों व कीमती धातुओं का इस्तेमाल किया गया है

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कोणार्क मंदिर का परिसर लगभग 26 एकड़ भूमि में फैला हुआ है

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यूनेस्को द्वारा सन् 1984 में इसे विश्व विरासत स्थल के रूप में मान्यता दी गई थी

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मुख्य मंदिर के पश्चिम में सूर्य की पत्नियों में से एक मायादेवी के मंदिर के अवशेष देखने को मिलते हैं
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मॉस्को का शानदार किला क्रेमलिन

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