अमर उजाला
Wed, 5 May 2021
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कर्नाटक के बीजापुर में स्थित गोल गुंबज़ दुनिया का दूसरा और भारत का पहला सबसे बड़ा मकबरा है
यह गुंबज़ सेंट पीटर्स के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़े गुंबद वाला स्मारक है
यह मकबरा गोल गुंबज़, गोल गुंबद और गोल घुमट के नाम से भी जाना जाता है
गोल गुंबज़ आदिलशाही वंश के सातवें शासक और बीजापुर के सुल्तान मुहम्मद आदिलशाह का मकबरा है
इस विशाल इमारत का निर्माण दाबुल के मशहूर फारसी वास्तुकार याकूत ने किया था
गोल गुंबज़ को बनाने में करीब 20 साल का समय लगा था
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मकबरे के मुख्य हॉल के अंदर चारों तरफ सीढ़ियों से घिरा हुआ चार भुजाओं वाला चबूतरा है
मकबरे के आंतरिक परिधि पर एक गोलाकार गलियारा भी बना हुआ है, जिसे व्हिस्परिंग गैलरी यानी फुस्फुसाने वाला गलियारा कहा जाता है
इस गलियारे की खासियत यह है कि यहां 7 बार आवाज गूंजती है और एक तरफ से बिल्कुल साफ सुनाई देती है
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मुख्य हॉल में प्रवेश करने के बाद 7 मंजिल की चढ़ाई चढ़ने के लिए 100 से ज्यादा संकरी सीढ़ियां हैं
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