अमर उजाला
Wed, 5 January 2022
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अबू सिंबल मंदिर दो अलग-अलग मंदिर हैं, जो राजा रामसेस द्वितीय और उनकी पत्नी रानी नेफ़रतारी को समर्पित है
इन मंदिरों का निर्माण हित्तियों पर राजा की जीत का जश्न मनाने के लिए किया गया था
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1817 में मिस्र के पहले वैज्ञानिक, जियोवानी बतिस्ता बेलज़ोनी ने इसकी खोज की थी
मंदिरों के प्रवेश द्वार पर 20 मीटर ऊंचे रामसेस द्वितीय की आकृतियां हैं
मूर्तियों के चारों ओर रामेसेस के बच्चों, रानी नेफ़रतारी और उनकी मां मुट्टू की छोटी-छोटी आकृतियां भी हैं
रामसेस द्वितीय का मंदिर सूर्य देवताओं अमोन-रे, पट्टा और रे-होराखते को समर्पित था
अबू सिंबल मंदिर का मूल स्थान नील नदी के तट पर था, लेकिन बांध बनने के चलते इन्हें वर्तमान वाली जगह पर लाया गया
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1979 में अबू सिम्बल को UNESCO World Heritage site का दर्जा मिला था
अबू सिंबल मंदिर मिस्र में पिरामिड के बाद दूसरा सबसे बड़ा मानव निर्मित पर्यटक आकर्षण स्थल है
अद्धभुत वास्तुकला का शहर लिस्बन