अमर उजाला
Wed, 27 October 2021
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उत्तर प्रदेश के आगरा से 40 किमी दूर पश्चिम दिशा में स्थित है फतेहपुर सीकरी
मुगल शासक अकबर ने 1571 में मुगल साम्राज्य की राजधानी के रूप में इस शहर की स्थापना की थी
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फतेहपुर सीकरी में कई प्राचीन धरोहरें हैं और यहां अपनी पत्नी जोधाबाई के लिए अकबर द्वारा बनवाया गया महल भी है
लोग मुगल कालीन किलों, दरगाहों और अन्य स्थलों को देखने के लिए दूर दूर से फतेहपुर सीकरी आते हैं
1573 में अकबर के गुजरात जीतने के बाद शहर को “विजय का शहर” फतेहपुर सीकरी कहा जाने लगा
अकबर के बेटे जहांगीर का जन्म 1569 में इसी सीकरी गांव में ही हुआ था
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फतेहपुर सीकरी में आपको एक ही जगह घूमने के लिए कई ऐतिहासिक इमारतें मिल जाएंगी
अनूप तलाव के बीचोंबीच एक प्लेटफॉर्म बना हुआ है जिसका इस्तेमाल गायन प्रतियोगिताओं के लिए किया जाता था
जोधाबाई के लिए बनाया गया खास पंचमहल नक्काशीदार स्तंभों पर खड़ा है, इसमें कुल 176 स्तंभ हैं
दीवाने खास वह स्थान है जहां अकबर विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों से उनके विश्वासों और धर्मों पर चर्चा करते थे
गुजरात विजय की खुशी में अकबर ने बुलंद दरवाजा बनवाया था, सबसे ऊंचे दरवाजे को बनाने में लगभग 12 साल लगे थे
जामा मस्जिद संभवतः परिसर में बनने वाली पहली इमारतों में से एक थी, जिसमें आज भी नमाज अदा की जाती है
यहां स्थित सूफी संत ख्वाजा सलीम चिश्ती की दरगाह में जियारत के लिए सैलानियों की भीड़ रहती है
अकबर के प्रिय हाथी के नाम पर बनवाई गई हिरन मीनार पर्यटकों को दूर से आकर्षित करती है
शाही परिवार का निवास बकिंघम पैलेस