अमर उजाला
Sat, 29 March 2025
शादी एक ऐसा उत्सव है, जिसमें सैकड़ों मेहमान शामिल होते हैं
ढ़ेर सारे मेहमानों का मतलब अधिक आर्थिक दबाव, जिससे लोगों का मानसिक तनाव भी बढ़ता है
इसलिए अब लोग धीरे-धीरे माइक्रो वेडिंग की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं
कोविड के दौरान भारत में माइक्रो वेडिंग के बारे में लोगों ने पहली बार जाना था
इसमें भी पारंपरिक शादी की सभी रस्में होती हैं, लेकिन यह भव्य विवाह समारोहों से कम खर्चीली होती है
पारंपरिक शादी की तुलना में माइक्रो वेडिंग बजट फ्रेंडली होती है, इसलिए लोग इसे अपना रहे हैं
इस तरह की शादी में वेन्यू से लेकर खाने -पीने और निमंत्रण कार्ड समेत हर जगह पर पैसों की बचत की जा सकती है
रिश्ते में भूलकर भी न करें ये चीजें