होली का वैज्ञानिक महत्व होलिका दहन पर्यावरण में मौजूद बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है। होलिका से निकलने वाली ताप शरीर और पर्यावरण दोनों को शुद्ध करती है। मार्च के महीने में मौसम में बदलाव के कारण यह उनींदे और आलसी वाले दिन होते हैं। शरीर की सुस्ती और आलस को दूर भगाने के लिए लोग इस मौसम में गाने गाते हैं और मस्ती करते हैं। साथ ही रंग और अबीर जब शरीर पर डाला जाता है तो इसका भी अनोखा प्रभाव पड़ता है। फूलों से तैयार हुआ अबीर गुलाल शरीर में ताजगी लाता है। लाइफस्टाइल