अमर उजाला
Fri, 1 March 2024
महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन मासिक धर्म से लेकर मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
पीरियड्स में बदलाव, भारीपन या अवधि में परिवर्तन होना हार्मोनल असंतुलन का संकेतक माना जाता है।
पीसीओएस या थायरॉयड विकारों के कारण भी ये दिक्कतें हो सकती हैं।
हार्मोंस में दिक्कत के कारण वजन बढ़ने या कम होने की भी समस्या होने लगती है।
मुंहासे, तैलीय त्वचा या अत्यधिक शुष्की होना ये सभी खराब हार्मोनल संतुलन के लक्षण माने जाते हैं।
स्वाद के साथ बेहतर सेहत का भी खजाना है सरसों का साग