फॉरेस्ट बाथिंग क्यों जरूरी है?

अमर उजाला

Sat, 17 January 2026

Image Credit : Adobe Stock

फॉरेस्ट बाथिंग का अर्थ है प्रकृति और पेड़- पौधों के सानिध्य में रहकर उसे अपनी सभी इंद्रियों से महसूस करना।

Image Credit : Adobe Stock

आज की भागदौड़ भरी डिजिटल जिंदगी में मानसिक और शारीरिक शांति के लिए यह एक शक्तिशाली थेरेपी साबित हो रही है।

Image Credit : Adobe Stock

तनाव में कमी

जब हम पेड़ों के बीच समय बिताते हैं, तो शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन 'कोर्टिसोल' का स्तर तेजी से गिरता है। इससे एंग्जायटी व डिप्रेशन के लक्षण कम होते हैं।
Image Credit : Adobe Stock

हृदय स्वास्थ्य

प्रकृति के बीच रहने से ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है और हृदय की गति संतुलित रहती है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम कम होता है।
Image Credit : Freepik.com

एकाग्रता और रचनात्मकता

डिजिटल उपकरणों से दूर रहकर प्रकृति को देखने और सुनने से 'अटेंशन फटीग' दूर होती है और सोचने की शक्ति बढ़ती है।
Image Credit : Adobe Stock

क्या करें?

सप्ताह में एक बार भी कुछ घंटे मोबाइल बंद करके किसी बाग या जंगल में बिताना आपकी मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए किसी 'रिबूट' बटन की तरह काम करता है।
 
Image Credit : instagram

सुबह की ये आदत पाचन से लेकर वजन घटाने तक में लाभकारी

Freepik.com
Read Now