अमर उजाला
Sat, 23 August 2025
रेबीज एक जानलेवा वायरल बीमारी है, जो मुख्यतः कुत्ते-बिल्ली, बंदर जैसे संक्रमित जानवरों के काटने से होती है।
एक बार रेबीज के लक्षण आने पर इसका कोई इलाज नहीं होता, इसलिए बचाव बहुत जरूरी है।
रेबीज वायरस संक्रमित जानवर की लार से इंसान में प्रवेश करता है। ज्यादातर मामले कुत्ते के काटने से होते हैं।
रेबीज से बचाव के लिए पालतू जानवरों का टीकाकरण जरूर कराएं।
रेबीज के लक्षण 4 घंटे से लेकर 20 साल तक कभी भी आ सकते हैं, इससे जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगवाएं।
जानवरों के काटने-खरोंच के बाद घरेलू इलाज पर भरोसा न करें, तुरंत मेडिकल मदद लें।
आवारा कुत्तों-बिल्लियों के वैक्सीनेशन से रेबीज के फैलाव को रोका जा सकता है।
याद रखें रेबीज एक बार शुरू हो जाए तो इससे जान बचा पाना बहुत मुश्किल होता है।
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