अमर उजाला
Tue, 1 July 2025
फास्टिंग शुगर का मतलब, सुबह खाली पेट (रात में 8 घंटे बिना कुछ खाए) ब्लड ग्लूकोज की मात्रा से है।
यह टेस्ट डायबिटीज या प्री-डायबिटीज की शुरुआती जांच के लिए सबसे आसान और सटीक है।
नॉर्मल फास्टिंग शुगर लेवल 70 से 99 mg/dL होना चाहिए।
अगर फास्टिंग शुगर लेवल 126 mg/dL या उससे ज्यादा बना रहता है तो ये डायबिटीज का संकेत हो सकता है।
हाई कार्ब डाइट, मोटापा, नींद की कमी, तनाव जैसी स्थितियां फास्टिंग शुगर बढ़ा देती हैं।
डॉक्टर कहते हैं यदि आपको डायबिटीज नहीं है, तो भी साल में एक बार ये टेस्ट जरूर कराएं।
दवाओं की क्या जरूरत, इन चीजों में भी होता है भरपूर एंटी-एजिंग प्रभाव