'डिजिटल आई स्ट्रेन' उन समस्याओं का समूह है जो मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट की स्क्रीन पर लंबे समय तक टकटकी लगाए रखने के कारण उत्पन्न होती हैं।
Image Credit : Adobe Stock Images
इसे 'कंप्यूटर विजन सिंड्रोम' भी कहा जाता है। आप इसके लक्षणों को देखकर पहचान कर सकते हैं।
Image Credit : Freepik
आंखों में सूखापन और जलन
सामान्य तौर पर हम एक मिनट में 15-20 बार पलक झपकाते हैं, लेकिन स्क्रीन देखते समय यह दर घटकर आधी रह जाती है। इससे आंखों की नमी सूख जाती है और जलन होने लगती है।
Image Credit : Adobe Stock
धुंधली दृष्टि और सिरदर्द
स्क्रीन से निकलने वाली 'ब्लू लाइट' और लगातार फोकस बदलने से आंखों की मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इसकी वजह से सिरदर्द, गर्दन में दर्द और कभी-कभी एक की जगह दो चीजें दिखाई देने लगती हैं।
Image Credit : Adobe Stock
नींद पर प्रभाव
रात के समय डिजिटल गैजेट्स का उपयोग मेलाटोनिन हार्मोन को बाधित करता है, जिससे न केवल आंखों को थकान होती है, बल्कि पूरी बॉडी क्लॉक बिगड़ जाती है।
Image Credit : Freepik
बचाव का तरीका (20-20-20 नियम)
हर 20 मिनट के काम के बाद, 20 सेकंड के लिए, कम से कम 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को देखें। यह आपकी आंखों की मांसपेशियों को आराम देने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।
Image Credit : Freepik
अगर रोज खजूर खाते हैं तो कोसों दूर रहेंगी ये बीमारियां