क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम जिसे मायलजिक एन्सेफेलोमाइलाइटिस के नाम से भी जाना जाता है, एक गंभीर और जटिल बीमारी है।
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यह सामान्य थकान से बहुत अलग होती है। इसमें व्यक्ति को इतनी ज्यादा थकावट और कमजोरी महसूस होती है कि वह अपने रोजमर्रा के सामान्य काम भी नहीं कर पाता।
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इस बीमारी की पहचान करना अक्सर मुश्किल होता है, क्योंकि इसके लक्षण कई अन्य बीमारियों से मिलते-जुलते हैं। हालांकि, इसके कुछ खास लक्षण इसे सामान्य थकान से अलग करते हैं-
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अत्यधिक थकान
इस बीमारी का सबसे प्रमुख लक्षण है, जो कम से कम 6 महीने तक रहता है। यह थकान इतनी गहरी होती है कि व्यक्ति का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो जाता है।
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आराम के बाद भी थकान
भरपूर नींद लेने या आराम करने के बाद भी मरीज खुद को तरोताजा महसूस नहीं करता।
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ब्रेन फॉग
एकाग्रता में कमी, याददाश्त कमजोर होना और सोचने-समझने में कठिनाई महसूस होता भी क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम के लक्षम हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।