अमर उजाला
Fri, 13 February 2026
हार्मोन शरीर के केमिकल मैसेंजर होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म, नींद, मूड, प्रजनन सबकुछ कंट्रोल करते हैं।
थायरॉयड, कोर्टिसोल या इंसुलिन जैसे हार्मोन में गड़बड़ी होने पर कई तरह की दिक्कतें बढ़ने लगती हैं।
थायरॉयड हार्मोन और इंसुलिन बैलेंस बिगड़ने पर मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन बढ़ने लगता है।
सेरोटोनिन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन कम-ज्यादा होने पर मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है।
हार्मोनल असंतुलन के कारण मुंहासे, बालों के झड़ने, त्वचा में रूखापन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
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