अमर उजाला
Mon, 26 February 2024
अध्ययनों में बताया गया है कि पैक्ड आटे के कारण हृदय रोग-डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि साबुत अनाज को पिसा कर उसके आटे का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
बाजार में मिलने वाले पैक्ड आटा को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए उसमें प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं।
प्रिजर्वेटिव्स न सिर्फ अनाज में मौजूद पोषक तत्वों को कम कर देते हैं, साथ ही इससे सेहत को भी नुकसान हो सकता है।
प्रिजर्वेटिव युक्त चीजों का सेवन बच्चों में अतिसक्रिय व्यवहार और मोटापे का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।
बेहतर सेहत और अधिकतम लाभ के लिए चक्की का पिसा आटा खाना लाभप्रद है।
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