अमर उजाला
Sun, 26 October 2025
दांतों की सफाई के लिए टूथब्रश और दातून दोनों ही सदियों से इस्तेमाल होते आ रहे हैं, लेकिन जब 'बेस्ट' चुनने की बात आती है, तो उनके गुण और दोष जानने जरूरी हैं।
दातून आयुर्वेद में श्रेष्ठ माना गया है। नीम में प्राकृतिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं।
ये न केवल मुंह के कीटाणुओं को खत्म करते हैं, बल्कि मसूड़ों को मजबूत बनाते हैं और मुंह की बदबू को भी दूर करते हैं। दातून चबाने से लार (सलाइवा) का उत्पादन भी बढ़ता है, जो प्राकृतिक रूप से दांतों की रक्षा करता है।
वहीं, आधुनिक टूथब्रश अपने वैज्ञानिक डिजाइन के कारण दांतों के कोनों और बीच की जगहों की सफाई में बहुत प्रभावी होता है, जहां दातून नहीं पहुंच पाता।
टूथब्रश से आप फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कैविटी को रोकने में मदद करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि टूथब्रश और दातून दोनों के अपने लाभ हैं।
टूथब्रश कोने-कोने की सफाई करता है, जबकि दातून मसूड़ों को प्राकृतिक मजबूती और कीटाणुओं से लड़ने की क्षमता देता है। हर व्यक्ति की जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए आप अपने सुविधा के हिसाब से इसका चयन कर सकते हैं।
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