अमर उजाला
Tue, 27 May 2025
दिनभर फोन से चिपके रहना धीरे-धीरे हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालने लगता है।
ज्यादा फोन चलाने से आंखों पर तनाव बढ़ने लगता है।
स्क्रीन की लगातार रोशनी और नीली किरणें आंखों को थका देती हैं, जिससे धुंधलापन, जलन और सिरदर्द हो सकता है।
देर रात तक मोबाइल चलाते रहने मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर घटता है, जिससे नींद बाधित हो जाती है।
लगातार फोन और सोशल मीडिया देखते रहना मानसिक तनाव और बेचैनी बढ़ाता है।
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