अमर उजाला
Mon, 11 May 2026
स्मोकिंग केवल फेफड़ों को ही नहीं बल्कि शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाती है।
अध्ययन से पता चलता है कि सिगरेट के धुएं में 70 से अधिक कैंसर पैदा करने वाले रसायन हो सकते हैं।
लगातार धूम्रपान करने से शरीर की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
लगभग 80-90% लंग्स कैंसर के लिए धूम्रपान को कारण माना जाता है।
स्मोकिंग करने वालों में होंठ, जीभ, मसूड़ों और गाल के कैंसर का खतरा भी अधिक होता है।
सिगरेट का धुआं लगातार गले के टिश्यू को प्रभावित करता है, जिससे थ्रोट कैंसर हो सकता है।
धूम्रपान पैंक्रियाज, किडनी और सर्वाइकल कैंसर का खतरा भी बढ़ा देता है।
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