बिस्तर पर जाने के घंटों बाद आती है नींद, जान लें इसके कारण बिस्तर पर लेटने के घंटों बाद तक नींद न आना, जिसे 'स्लीप ऑनसेट इंसोमनिया' कहा जाता है, आजकल एक आम समस्या बन गई है। इसके पीछे शारीरिक और मानसिक दोनों कारण हो सकते हैं, जो आपकी दिनचर्या और आदतों से जुड़े होते हैं। आइए इसके कुछ कारण जानते हैं। सोने से ठीक पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का इस्तेमाल 'मेलाटोनिन' (नींद का हार्मोन) के उत्पादन को रोकता है। बिस्तर पर जाते ही दिनभर की बातों या भविष्य की चिंता करना मस्तिष्क को 'अलर्ट मोड' में रखता है, जिससे शरीर रिलैक्स नहीं हो पाता। दोपहर के बाद चाय या कॉफी का सेवन स्लिप साइकिल को बिगाड़ देता है, क्योंकि कैफीन का असर शरीर में 6-8 घंटों तक रह सकता है। रोज अलग-अलग समय पर सोने और जागने से शरीर की 'सर्केडियन रिदम' (जैविक घड़ी) खराब हो जाती है। Health Tips