बिस्तर पर जाने के घंटों बाद आती है नींद, जान लें इसके कारण

अमर उजाला

Sat, 3 January 2026

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बिस्तर पर लेटने के घंटों बाद तक नींद न आना, जिसे 'स्लीप ऑनसेट इंसोमनिया' कहा जाता है, आजकल एक आम समस्या बन गई है।

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इसके पीछे शारीरिक और मानसिक दोनों कारण हो सकते हैं, जो आपकी दिनचर्या और आदतों से जुड़े होते हैं। आइए इसके कुछ कारण जानते हैं।
 

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ब्लू लाइट का प्रभाव


सोने से ठीक पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का इस्तेमाल 'मेलाटोनिन' (नींद का हार्मोन) के उत्पादन को रोकता है।

 
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अत्यधिक चिंता और ओवरथिंकिंग

बिस्तर पर जाते ही दिनभर की बातों या भविष्य की चिंता करना मस्तिष्क को 'अलर्ट मोड' में रखता है, जिससे शरीर रिलैक्स नहीं हो पाता।

 
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देर शाम कैफीन का सेवन

दोपहर के बाद चाय या कॉफी का सेवन स्लिप साइकिल को बिगाड़ देता है, क्योंकि कैफीन का असर शरीर में 6-8 घंटों तक रह सकता है।

 
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अनियमित स्लीप शेड्यूल

रोज अलग-अलग समय पर सोने और जागने से शरीर की 'सर्केडियन रिदम' (जैविक घड़ी) खराब हो जाती है।
 
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