अमर उजाला
Fri, 17 December 2021
प्राकृतिक रूप से ओमेगा-3, ज्यादातर फैटी फिश मसलन सैल्मन और टूना में पाया जाता है
वहीं इसके सप्लिमेंट में इकोसापैनटोइनिक एसिड (EPA) और डोकोसाहेक्सिनोइक एसिड (DHA) केमिकल्स होते हैं
रिसर्च के अनुसार, EPA लोगों में हार्ट अटैक के खतरे को कम करता है
लेकिन ओमेगा-3 का DHA दिल की बीमारी के खतरे को बढ़ाता है
वैज्ञानिकों का कहना है कि मरीज, सप्लिमेंट की जगह ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से भरपूर आहार लें
ओमेगा-3 की कमी से त्वचा में रूखापन, जलन, पतले नाखून, जोड़ों में दर्द, ड्राई आईज, बालों का झड़ना और पीरियड्स पेन हो सकता है
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