अमर उजाला
Thu, 6 November 2025
अगर आप रोजाना रात 11 बजे के बाद सोते हैं, तो ये आदत शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर कई तरह से असर डाल सकती है।
देर से सोने से स्लीप साइकिल (सर्केडियन रिदम) बिगड़ती है, जिससे गहरी नींद नहीं मिल पाती है।
रात में देर तक जागने से हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ता है, जो तनाव बढ़ाता है और नींद बाधित होती है।
नींद पूरी न होने पर दिनभर थकान, आलस और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होती है।
रात में देर से सोने का मानसिक स्वास्थ्य पर असर होता है। इससे एंग्जायटी और मूड स्विंग्स का खतरा बढ़ता है।
रात में देर से सोने वाले लोगों का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।
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