अमर उजाला
Sun, 9 November 2025
इंटरमिटेंट फास्टिंग इस समय काफी चर्चा में हैं। विशेषतौर पर वेट लॉस करने में इसे फायदेमंद पाया गया है।
ये एक डाइट प्लान है, इसमें लोग 8 घंटे के अंदर खाना खाते हैं और बाकी 16 घंटे उपवास रखते हैं।
इस डाइट प्लान से ब्लड शुगर कम करने में मदद मिल सकती है। टाइप-2 डायबिटीज वाले इससे लाभ पा सकते हैं।
फास्टिंग के दौरान शरीर अधिक फैट बर्न करता है, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है।
फास्टिंग से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बेहतर होती है।
नियमित फास्टिंग से डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक रहता है और कब्ज-अपच की दिक्कत कम होती है।
बच्चे के दांतों को सड़ने से कैसे बचाएं?