अमर उजाला
Fri, 10 December 2021
अल्जाइमर और डिमेंशिया याद्दाश्त से जुड़ी बीमारी है, जिसका रिस्क केवल उम्रदराज ही नहीं बल्कि अब हर आयु वर्ग में है
आम बोलचाल में इसे भूलने की बीमारी कहते हैं, इसमें छोटी-मोटी बातें याद रखना मुश्किल हो जाता है
डेली लाइफ में कुछ गलतियां लगातार करने से डिमेंशिया या अल्जाइमर का खतरा बढ़ सकता है
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स्टडीज के अनुसार, जो लोग गहरी और पर्याप्त नींद नहीं ले पाते, उनमें अल्जाइमर्स जैसी बीमारियों का रिस्क रहता है
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अनहेल्दी और असंतुलित डाइट, ब्रेन हेल्थ पर बुरा असर डालते हुए मेमरी से जुड़ी बीमारियों का रिस्क बढ़ाती है
एक्सपर्ट कहते हैं कि दिनभर में व्यक्ति कितनी बार स्मोक करता है, इन सब बातों के आधार पर डिमेंशिया का रिस्क बढ़ता है
कई स्टडीज बताती हैं, एक्सरसाइज ना करने से यादाश्त प्रभावित होने के साथ नई मेमरीज बनाने और कनेक्शन्स क्रिएट करने में परेशानी आती हैं
कुछ स्टडीज में 40 साल की उम्र में हाई बीपी को अल्जाइमर्स और डिमेंशिया का रिस्क बढ़ाने वाला एक बड़ा कारक बताया गया
शरीर का ज्यादा वजन कभी-कभी मेमरी पर भी बुरा प्रभाव डाल सकता है
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अल्जाइमर और डिमेंशिया के लक्षण दिखते ही डॉक्टरी सलाह और इलाज जरूर लें
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