अमर उजाला
Wed, 12 November 2025
विटामिन डी सप्लीमेंट लेना इन दिनों काफी आम हो गया है। मगर फिर भी बिना डॉक्टर की सलाह के इसे लेना जोखिम भरा हो सकता है।
सबसे पहले, आपको विटामिन डी की वास्तविक कमी है या नहीं, यह जानने के लिए डॉक्टर से मिलकर ब्लड टेस्ट कराना आवश्यक है।
सिर्फ लक्षणों के आधार पर सप्लीमेंट शुरू करना सही नहीं है। डॉक्टर आपके स्तर की जांच करके ही सही खुराक निर्धारित कर सकते हैं।
विटामिन डी फैट में घुलनशील विटामिन है, जिसका अर्थ है कि यह शरीर में आसानी से जमा हो जाता है।
यदि आप बिना जरूरत के या अत्यधिक मात्रा में सप्लीमेंट लेते हैं, तो यह शरीर में जमा हो सकता है और विषाक्तता पैदा कर सकता है।
विटामिन डी की अधिकता से खून में कैल्शियम का स्तर बहुत बढ़ जाता है, जिसे हाइपरकैल्सीमिया कहते हैं।
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