अमर उजाला
Thu, 8 September 2022
ब्लड क्लॉटिंग के कारण ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह, प्रभावित हो सकता है, जिसके कारण सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है।
फेफड़े में बनने वाले रक्त के थक्कों के कारण सांस लेने में जटिलता आ सकती है, इसमें गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
मस्तिष्क में क्लॉटिंग होने से बोलने में परेशानी, दृष्टि संबंधी समस्याएं, दौरे पड़ना, शरीर में लकवा या सिरदर्द की समस्या होती है।
लाल चंदन के हैं अनेक फायदे