बढ़ते प्रदूषण में अस्थमा के मरीज इन बातों का रखें विशेष ध्यान बढ़ता वायु प्रदूषण, खासकर PM2.5 और ओजोन का उच्च स्तर, अस्थमा के मरीजों के लिए एक गंभीर खतरा है। ये प्रदूषक कण फेफड़ों में पहुंचकर सांस की नलियों में सूजन पैदा करते हैं, जिससे नलियां सिकुड़ जाती हैं और अस्थमा का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। जब एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 या 'बहुत खराब' श्रेणी से ऊपर हो, तो घर से बाहर न निकलें। घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। अपने घर, विशेष रूप से बेडरूम में, HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करें। बाहर जाने पर हमेशा N95 या N99 मास्क पहनें, क्योंकि ये सूक्ष्म कणों को छानने में प्रभावी होते हैं। अपनी सभी नियमित दवाएं (जैसे इन्हेलर और स्टेरॉयड) समय पर लें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा बंद न करें। Health Tips