सुबह मोबाइल देखना सबसे बड़ी भूल क्यों? जानिए वैज्ञानिक कारण सुबह आंख खुलते ही मोबाइल उठाना आज की सबसे बड़ी आदत और सबसे बड़ा जहर बन चुका है। फोन की स्क्रीन न तो आपकी नींद पूरी होने देती है औ न ही मन को शांति देती है। देसी जीवनशैली में कहा गया है, 'दिन की शुरुआत खुद से करो, न कि किसी स्क्रीन से।' सुबह के पहले 30 मिनट अगर ध्यान, प्रार्थना, टहलना या खामोशी में सांस लेने को दें, तो मस्तिष्क में हैप्पी हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं। इससे तनाव घटता है, ध्यान बढ़ता है और दिनभर की ऊर्जा दोगुनी हो जाती है। याद रखिए, असली कनेक्शन खुद से होता है, न कि मोबाइल नेटवर्क से, यही है देसी डिजिटल डिटॉक्स फॉर्मूला। लाइफस्टाइल