Urdu Shayari: फूलों पर कहे चुनिंदा शेर
फूल गुल शम्स ओ क़मर सारे ही थे
पर हमें उन में तुम्हीं भाए बहुत
- मीर तक़ी मीर
अब तक तिरे होंटों पे तबस्सुम का गुमाँ है
हम को तो है महबूब यही आध-खिला फूल
- फख्र ज़मान
तू ही वो फूल है जो है महबूब
पत्ते पत्ते का डाली डाली का
- नादिर शाहजहाँ पुरी
वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा
मसअला फूल का है फूल किधर जाएगा
- परवीन शाकिर
जहाँ वादियों में नए फूल आए
हमारी तुम्हारी मुलाक़ात होगी
- बशीर बद्र
Urdu Poetry: आज के चुनिंदा शेर