Urdu Poetry: ज़िंदगी पर कहे चुनिंदा शेर
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
- बशीर बद्र
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
- बशीर बद्र
बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं
तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं
- फ़िराक़ गोरखपुरी
मौत का भी इलाज हो शायद
ज़िंदगी का कोई इलाज नहीं
- फ़िराक़ गोरखपुरी
ज़िंदगी से यही गिला है मुझे
तू बहुत देर से मिला है मुझे
- अहमद फ़राज़
Motivational Sher: मुश्किल समय में हिम्मत देते शेर