Urdu Poetry: मौसम के मिज़ाज पर शायरों के अल्फ़ाज़

Urdu Poetry: मौसम के मिज़ाज़ पर शायरों के अल्फ़ाज़  

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तुम्हारे साथ ये मौसम फ़रिश्तों जैसा है
तुम्हारे बा'द ये मौसम बहुत सताएगा
- बशीर बद्र 

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यूँही मौसम की अदा देख के याद आया है
किस क़दर जल्द बदल जाते हैं इंसाँ जानाँ
- अहमद फ़राज़  

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तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे
मैं एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे
- क़ैसर-उल जाफ़री 

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साँस मौसम की भी कुछ देर को चलने लगती
कोई झोंका तिरी पलकों की हवा का होता
- गुलज़ार

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कैसा मौसम है कुछ नहीं खुलता
बूँदा-बाँदी भी धूप भी है अभी
- अहमद फ़राज़

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Urdu Poetry: अनवर जलालपुरी के चुनिंदा शेर

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