Urdu Poetry: राहत इंदौरी के चुनिंदा शेर

अमर उजाला काव्य डेस्क

Image Credit :

ये ज़रूरी है कि आँखों का भरम क़ाएम रहे
नींद रखो या न रखो ख़्वाब मेयारी रखो

Image Credit :

हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे
कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते

Image Credit :

आते जाते हैं कई रंग मिरे चेहरे पर
लोग लेते हैं मज़ा ज़िक्र तुम्हारा कर के 

Image Credit :

सिर्फ़ ख़ंजर ही नहीं आँखों में पानी चाहिए
ऐ ख़ुदा दुश्मन भी मुझ को ख़ानदानी चाहिए 

Image Credit :

एक ही नद्दी के हैं ये दो किनारे दोस्तो
दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो

Image Credit : pexel

Harishankar Parsai: हरिशंकर परसाई के चुनिंदा व्यंग्य

Read Now