Chandrayaan 3: चंद्रयान के लिए ख़ास दिन और चांद पर शेर

अमर उजाला काव्य डेस्क

Image Credit :

बात वो आधी रात की रात वो पूरे चाँद की
चाँद भी ऐन चैत का उस पे तिरा जमाल भी
- परवीन शाकिर

Image Credit :

शाम के साए बालिश्तों से नापे हैं
चाँद ने कितनी देर लगा दी आने में
- गुलज़ार

Image Credit :

वो चाँद कह के गया था कि आज निकलेगा
तो इंतिज़ार में बैठा हुआ हूँ शाम से मैं
- फ़रहत एहसास

Image Credit :

बेचैन इस क़दर था कि सोया न रात भर
पलकों से लिख रहा था तिरा नाम चाँद पर
- अज्ञात

Image Credit :

इक शाम सी कर रखना काजल के करिश्मे से
इक चाँद सा आँखों में चमकाए हुए रहना
- मुनीर नियाज़ी

Image Credit :

Urdu Poetry: दिल में जोश भरते चुनिंदा शेर

Read Now