Urdu Poetry: भरोसे पर कहे शेर
दिल को तिरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है
और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता
- अहमद फ़राज़
अगर वफ़ा पे भरोसा रहे न दुनिया को
तो कोई शख़्स मोहब्बत का हौसला न करे
- क़तील शिफ़ाई
अपने मेआ'र तक न पहुँचा मैं
मुझ को ख़ुद पर बड़ा भरोसा था
- जौन एलिया
इतना आसाँ नहीं लफ़्ज़ों पे भरोसा करना
घर की दहलीज़ पुकारेगी जिधर जाओगे
- निदा फ़ाज़ली
हर-चंद ए'तिबार में धोके भी हैं मगर
ये तो नहीं किसी पे भरोसा किया न जाए
- जाँ निसार अख़्तर
Sahir Ludhianvi: साहिर लुधियानवी के चुनिंदा शेर