अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
- अल्लामा इक़बाल
हारने में इक अना की बात थी
जीत जाने में ख़सारा और है
- परवीन शाकिर
दफ़्न कर सकता हूँ सीने में तुम्हारे राज़ को
और तुम चाहो तो अफ़्साना बना सकता हूँ मैं
- मजाज़ लखनवी
काग़ज़ में दब के मर गए कीड़े किताब के
दीवाना बे-पढ़े-लिखे मशहूर हो गया
- बशीर बद्र
जौन एलिया: मशहूर शायर के वे शेर जिन्हें शेयर करने से लोग रोक नहीं पाते