अमर उजाला काव्य डेस्क
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है
इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
- निदा फ़ाज़ली
तअ'ज्जुब है कि इश्क़-ओ-आशिक़ी से
अभी कुछ लोग धोका खा रहे हैं
- जौन एलिया
क्या कहूँ तुम से मैं कि क्या है इश्क़
जान का रोग है बला है इश्क़
- मीर तक़ी मीर
कनीज़ हो कोई या कोई शाहज़ादी हो
जो इश्क़ करता है कब ख़ानदान देखता है
- शकील आज़मी
इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने न दिया
वर्ना क्या बात थी किस बात ने रोने न दिया
- सुदर्शन फ़ाकिर
Hug Day Poetry: गले लगा के उसे उस की आरज़ू करते