Urdu Poetry: मुसीबत का पहाड़ आख़िर किसी दिन कट ही जाएगा

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली 

Image Credit :

मुसीबत का पहाड़ आख़िर किसी दिन कट ही जाएगा
मुझे सर मार कर तेशे से मर जाना नहीं आता
- यगाना चंगेज़ी 

Image Credit :

गो आबले हैं पाँव में फिर भी ऐ रहरवो
मंज़िल की जुस्तुजू है तो जारी रहे सफ़र
- नूर क़ुरैशी 

Image Credit :

मौजों की सियासत से मायूस न हो 'फ़ानी'
गिर्दाब की हर तह में साहिल नज़र आता है
- फ़ानी बदायूंनी 

Image Credit :

सदा एक ही रुख़ नहीं नाव चलती
चलो तुम उधर को हवा हो जिधर की
- अल्ताफ़ हुसैन हाली 

Image Credit :

Urdu Poetry: रावन का पता चल न सका राम से पहले

Read Now