Urdu Poetry: इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली  

Image Credit :

इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा
लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं
- मिर्ज़ा ग़ालिब 

Image Credit :

मुझ से तू पूछने आया है वफ़ा के मअ'नी
ये तिरी सादा-दिली मार न डाले मुझ को
- क़तील शिफ़ाई 

Image Credit :

जहाँ पहुँच के क़दम डगमगाए हैं सब के
उसी मक़ाम से अब अपना रास्ता होगा
- आबिद अदीब

Image Credit :

गो आबले हैं पाँव में फिर भी ऐ रहरवो
मंज़िल की जुस्तुजू है तो जारी रहे सफ़र
- नूर क़ुरैशी 

Image Credit :

Urdu Poetry: ज़िंदगी काहे को है ख़्वाब है दीवाने का

Read Now