अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
बुरा बुरे के अलावा भला भी होता है
हर आदमी में कोई दूसरा भी होता है
- अनवर शऊर
आदमी आदमी से मिलता है
दिल मगर कम किसी से मिलता है
- जिगर मुरादाबादी
कभी साया है कभी धूप मुक़द्दर मेरा
होता रहता है यूँ ही क़र्ज़ बराबर मेरा
- अतहर नफ़ीस
तमन्ना तिरी है अगर है तमन्ना
तिरी आरज़ू है अगर आरज़ू है
- ख़्वाजा मीर दर्द
Urdu Poetry: दुनिया अगर यही है तो दुनिया से बच के चल